
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के बेहद संवेदनशील मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार को पंजाब और चंडीगढ़ में 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ा कदम उठाया है। इस दौरान SGPC के पूर्व सहायक सुपरवाइजर कंवलजीत सिंह को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया।
यह मामला केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संस्थागत लापरवाही और संभावित संगठित साज़िश की ओर इशारा कर रहा है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी कंवलजीत सिंह?
SIT के मुताबिक, कंवलजीत सिंह उर्फ कावलजीत सिंह धार्मिक ग्रंथों के रखरखाव, संचालन और अनधिकृत रूप से तैयार/भंडारण से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं में सीधे तौर पर शामिल था। उसे 3 जनवरी 2026 को हिरासत में लिया गया।
सवाल साफ है: क्या पावन ग्रंथों की सुरक्षा भी अब सिस्टम की फाइलों में दबकर रह गई थी?
14 जगह छापेमारी, डिजिटल और फाइनेंशियल सबूत जब्त
SIT ने अमृतसर (8), चंडीगढ़ (2), गुरदासपुर, रोपड़, तरनतारन, अमृतसर ग्रामीण (1-1) कुल 14 स्थानों पर तलाशी ली।
जब्त सामग्री:
- 7 मोबाइल फोन
- 3 टैबलेट
- 2 लैपटॉप
- 1 स्टोरेज डिवाइस
- आपत्तिजनक वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज
अब इन सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का फोरेंसिक एनालिसिस किया जाएगा।
FIR में 16 नाम, दो की मौत, 14 जांच के घेरे में
SIT प्रवक्ता के अनुसार, अमृतसर के C-डिवीजन थाना में दर्ज FIR में:

- 16 लोग नामजद
- 2 आरोपियों की मृत्यु
- 14 अब भी जांच के दायरे में
अब तक सतिंदर सिंह कोहली, कंवलजीत सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
धर्म, दस्तावेज और डिजिटल ट्रेल — जांच क्यों अहम है?
यह केस सिर्फ गुमशुदगी का नहीं, बल्कि सवाल उठाता है क्या धार्मिक संस्थानों में ऑडिट और जवाबदेही का अभाव है? क्या आस्था को सिस्टम ने फाइल नंबर बना दिया?
SIT का कहना है कि जांच “methodical और evidence-driven” तरीके से चल रही है और और गिरफ्तारियां संभव हैं।
कौन कर रहा है SIT की निगरानी?
- पुलिस कमिश्नर अमृतसर: गुरप्रीत सिंह भुल्लर
- SIT चेयरमैन: जगतप्रीत सिंह, AIG (Vigilance), मोहाली
यानी जांच सीधे टॉप लेवल मॉनिटरिंग में है।
आस्था से जुड़ा मामला हो और सिस्टम पर सवाल उठें—तो चुप्पी सबसे बड़ा अपराध बन जाती है। अब देखना होगा कि SIT इस केस को “फाइल क्लोज” करती है या “सिस्टम एक्सपोज़”।
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